9 महान खिलाड़ी जिनको कप्तान बनाना देश के लिए सबसे बड़ी भूल थी, टॉप पर है ये दिग्गज भारतीय

क्रिकेट की दुनिया भी इस बात से अछूती नही रही है। क्रिकेट जगत में वैसे तो आज भी कई सफल कप्तान शामिल हैं।धोनी खासकर आज अपनी कप्तानी को लेकर पुरी दुनिया मे प्रसिद्ध हैं। उनकी कप्तानी एक मिसाल बनकर सामने आई है जिसकी बदौलत भारतीय टीम ने कई बार जीत का स्वाद चखा है। आज वो एक सफल कप्तानों में गिने जाते है। उनके अलावा भी दुनिया मे ऐसे कप्तान रहे है और अभी भी है जिनका नाम सफल कप्तानों में शुमार है।

लेकिन क्रिकेट इतिहास मे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी भी है जो अपने शानदार खेल के लिए वे पूरी दुनिया मे विख्यात है और बड़े से बड़े धुरंधरो की हवा खराब करने में माहिर रहे है। लेकिन कप्तानी में अपना सिक्का नही जमा सके। आज हम ऐसे ही बेहतरीन खिलाड़ियों लेकिन असफल कप्तानों के बारे में आपको बताएंगे।

9. हाशिम अमला

हाशिम अमला आधुनिक युग के महान बल्लेबाजों में से एक है। दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी लाइनअप के इस प्रमुख बल्लेबाज़ को 2014 में ग्रीम स्मिथ के बाद टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। जैसा कि उम्मीद थी ग्रीम स्मिथ को रिप्लेस करना आसान नहीं था। स्मिथ ने 109 मैचों में टीम की कप्तानी की थी।

अमला ने हालांकि एक सफल शुरुआत का आनंद लिया, जिससे श्रीलंका, ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को दक्षिण अफ्रीका ने हराया। लेकिन उसके बाद उनकी कप्तानी का सबसे कठिन दौर उनके सामने आया. जिसमें कई हार का सामना करना पड़ा।

दक्षिण अफ्रीका के भारत दौरे पर, उनकी टीम को मेजबान टीम के हाथों 3-0 से हार मिली, जिसके बाद वे इंग्लैंड से भी हार गए। यही वह दौर था जब अपने ऊपर और कप्तानी को लेकर सवालो की झड़ी लगने के बाद अमला ने कप्तानी छोड़ दी। उन्होंने 14 मैचों में टीम का नेतृत्व किया, जिसमें से टीम ने 4 में जीत दर्ज की और 4 में हार गए, साथ ही जीत का प्रतिशत 28.6% रहा।

अमला ने अपने 14 मैचों में एक कप्तान के रूप में 894 रन बनाए। ये रन 49.66 के एक बेहतरीन औसत से बनाये थे, जिसमें 3 शतक भी शामिल रहे है। जैसा कि उम्मीद थी कप्तानी छोड़ने के बाद अमला एक बार बल्लेबाजी में चमके। अपने कैरियर के शेष 95 मैचों में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिये 7684 रन बनाये हैं, जो करीब 50 के औसत से आये है।

8. डेनियल वेटोरी

न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने विश्व क्रिकेट पर अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी है। न्यूजीलैंड में ऐसे खिलाड़ियों में पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज डेनियल वेटोरी को भी रखा जाता है।

डेनियल वेटोरी न्यूजीलैंड के लिए काफी लंबे समय तक खेले और उन्होंने ना केवल अपनी फिरकी गेंदबाजी से बल्कि बल्लेबाजी से भी हाथ दिखाए हैं। उन्हें न्यूजीलैंड का एक महान खिलाड़ी माना जाता है। क्योंकि उन्होंने 3000 रन और 300 विकेट का डबल भी किया हुआ है।

इस कीवि फिरकी गेंदबाज का नाम एक खिलाड़ी के तौर पर काफी बड़ा रहा लेकिन कप्तानी में वेटोरी कोई छाप नहीं छोड़ सके। डेनियल वेटोरी ने अपने करियर में 32 टेस्ट मैचों में कप्तानी की लेकिन इनमें से उन्होंने केवल 6 टेस्ट मैच जीते तो वहीं 16 मैच ड्रॉ रहे।

7. एंड्रयू फ्लिंटॉफ

इंग्लैंड के खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ अपने समय के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर खिलाड़ियों में से एक थे. हालांकि, उन्होंने जल्द ही क्रिकेट से सन्यास ले लिया लेकिन उतने ही समय में वह इंग्लैंड के कप्तान भी बना दिए गए. 2006 भारत दौरे पर आई टीम में उन्होंने अपनी कप्तानी से सभी को वाह-वाह करने पर मजबूर कर दिया।

जब मुंबई में हुआ तीसरा टेस्ट जितवाया। लेकिन वह वनडे सीरीज में ऐसा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. इसके बाद 2006 की सीरीज में टीम की बुरी हार हुई. जिस कारण उन्हें तमाम आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने 11 मैचों में कप्तानी की जिसमे दो ही जीता सके और सात मैचों में टीम की हार हुई.

6. रॉस टेलर

न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के इतिहास में रॉस टेलर को सबसे बेहतरीन बल्लेबाज माना जाता है। रॉस टेलर अभी भी इस टीम की बल्लेबाजी की जान बने हुए हैं जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से खास मुकाम हासिल किया है।

रॉस टेलर ने कई बार अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी की मदद से न्यूजीलैंड टीम को संकट से उबारते हुए जीत दिलायी है। साथ ही उनका बल्लेबाजी में बड़ा ही जबरदस्त रिकॉर्ड है।

लेकिन बात जब रॉस टेलर के कप्तान बनने की आती है तो वहां इनका बड़ा ही निराशाजनक सफर रहा है। रॉस टेलर ने न्यूजीलैंड के लिए 20 वनडे मैचों में कप्तानी की जहां केवल 6 मैच जीत सके तो वहीं 14 टेस्ट मैचों में कप्तानी करते हुए 8 मैचों में हार का सामना किया है।

5. क्रिस गेल

जैसा की हम सभी जानते है की क्रिकेट जगत के विस्फोटक व खतरनाक बल्लेबाज क्रिस गेल को पूरी दुनिया उनके शानदार गगन चुम्बी छक्कों के लिए जानती है इनका जब बल्ला चलता है तो जीत इनके कदम चूमती है ,क्रिस गेल आज दुनिया के सफल बल्लेबाजों की श्रेणी में शामिल होते हैं,लेकिन ये कप्तानी में फेल रहे है !

ब्रायन लारा के संन्यास लेने के बाद क्रिस गेल को वेस्टइंडीज की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। यह उम्मीद थी कि गेल अपनी टीम को एक आक्रमक और अधिक सफलता दर वाली टीम में बदल देंगे, मगर परिणाम उसके विपरीत रहे और वेस्टइंडीज की टीम को बड़ी-बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

क्रिस गेल ने कुल 53 मैचों में वेस्टइंडीज का नेतृत्व किया, जिसमें से टीम केवल 17 ही जीती। यह तथ्य कि उनके कार्यकाल में उनकी टीम ने 30 मैचों में हार का सामना किया, उनकी कप्तानी पर सवाल खड़े करता है।

4. राहुल द्रविड़

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को भले ही सचिन तेंदुलकर या सौरव गांगुली जैसी हाइप ना मिली हो लेकिन ये बल्लेबाज भारतीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार रहा है।

राहुल द्रविड़ विश्व क्रिकेट में बल्लेबाजी तकनीक के मामले में सबसे निपुण बल्लेबाज माने जाते हैं जिन्होंने अपनी इसी कौशल से विश्व क्रिकेट में खास पहचान बनायी है। राहुल द्रविड़ भारत के महान बल्लेबाज रहे हैं।

तो वहीं कप्तानी में राहुल द्रविड़ के नाम का जादू नहीं चल सका। राहुल द्रविड़ को कप्तानी के मामले में काफी निराशा का सामना करना पड़ा। जिसमें उन्होंने 25 टेस्ट में कप्तानी की जिसमें 8 मैच ही जीत सके तो वहीं 79 वनडे में 42 मैचों में जीत मिली।

3. ब्रायन लारा

वेस्ट इंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा को उनके टेस्ट में धुआंधार बल्लेबाजी के लिए जाना जाता हैं . ब्रान लारा ने टेस्ट के एक पारी में 400 रन बना चुके हैं वहीँ अगर इनकी टेस्ट में कप्तानी की बात किया जाय तो बहुत ही खराब रहा है. लारा की कप्तानी में वेस्टइंडीज ने 13 सालों में 125 वनडे मैच खेली थी जिसमे उन्हें मात्र 50% ही जीत मिली है. कप्तान के रूप में इनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा. ये वेस्ट इंडीज को 47 टेस्ट मैचों में से केवल 10 मैच ही जीता सके थे. हालांकि, लारा दुनिया के एकमात्र कप्तान है जिन्होंने अपनी टीम की नाकामियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

2. एलिस्टर कुक

इंग्लैंड क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक एलिस्टर कुक ने अपने पूरे करियर में जबरदस्त सफलता हासिल की है। एलिस्टर कुक टेस्ट क्रिकेट इतिहास में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं।

एलिस्टर कुक ने टेस्ट क्रिकेट में अपने पूरे करियर के दौरान 12742 रन बनाए जिसमें उनके 33 शतक भी शुमार रहे। कुक टेस्ट फॉर्मेट के बहुत ही बेजोड़ बल्लेबाज रहे।

लेकिन बात जब कप्तानी की आती तो यहां कुक पूरी तरह से नाकाम साबित हुए। एलिस्टर कुक ने इंग्लैंड के लिए 59 टेस्ट मैचों में कप्तानी की जिसमें वो 22 टेस्ट हारे हैं तो 13 मैच ड्रॉ रहे। तो वहीं कुक ने 69 वनडे मैचों में इंग्लैंड की कमान संभाली जहां 30 मैचों में ही जीत हासिल हो सकी।

1. सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर क्रिकेट जगत में सबसे बड़े खिलाड़ी हैं. चाहे टेस्ट हो या वनडे, वे सभी में कमाल के खिलाड़ी रहे हैं. वास्तव में सचिन तेंदुलकर इतिहास के सबसे बड़े बल्लेबाज है। हालांकि, लगभग 24 साल के उनके करियर में सिर्फ एक चीज उनके लिए जो नकारात्मक थी वो थी उनकी कप्तानी के तहत भारतीय टीम का प्रदर्शन।

सचिन तेंदुलकर दो बार टीम के कप्तान। उनका पहला कार्यकाल 1996 में था, तब टीम को सफलता नहीं मिली और उन पर काफी सवाल खड़े किए गए। इसके बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी। इसके बाद जब मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कप्तानी छोड़ी तब फिर उन्हे कप्तान बनाया गया लेकिन इस बार भी वो सफल नहीं हो पाए और सचिन को कप्तानी छोड़नी पड़ी। सचिन की कप्तानी में भारतीय टीम 25 टेस्ट मैच खेली थी जिसमे से केवल 4 मैच ही जीती थी. वहीं वनडे में 73 मैचों में से केवल 23 मैच ही जीत सकी थी।

हालांकि उनकी बल्लेबाजी में कोई कमी नहीं थी, लेकिन मास्टर ब्लास्टर अपनी टीम को जीत के लिए प्रेरित करने के लिए काफी कुछ नहीं कर सके। जब 2007 में राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ी तब भी सचिन को कप्तान बनने का ऑफर दिया गया लेकिन उन्होंने इसे विनम्रता से खारिज कर दिया। ,इसके बदले, उन्होंने एमएस धोनी का नाम आगे किया।

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